पतंगबाजी का शौक अब किसी की जान का दुश्मन नहीं बनेगा! उत्तर प्रदेश में जानलेवा चीनी मांझे से हो रही मौतों और गंभीर हादसों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने अब इस खतरनाक मांझे की ऑनलाइन उपलब्धता पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया है, जो आम जनता के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
जानलेवा चीनी मांझे पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख
चीनी मांझा, अपनी धार और मजबूती के कारण पतंगबाजों में भले ही लोकप्रिय हो, लेकिन यह इंसानों और पक्षियों, दोनों के लिए मौत का फंदा बन चुका है। सड़क पर चलते लोगों के गले कटने, बाइक सवारों के चोटिल होने और मासूम बच्चों के घायल होने की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। इन गंभीर हादसों पर अब न्यायपालिका ने सख्ती दिखाई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इन घटनाओं का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने पूछा है कि प्रदेश में चीनी मांझे के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं?
सरकार से मांगा जवाब, ऑनलाइन बिक्री पर रोक का आदेश
कोर्ट ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए यह साफ कर दिया है कि सिर्फ प्रतिबंध लगाना काफी नहीं है, बल्कि उसे प्रभावी तरीके से लागू करना भी जरूरी है। इसी कड़ी में, कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह चीनी मांझे की ऑनलाइन बिक्री और उपलब्धता पर भी तुरंत रोक लगाए।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रतिबंध के बावजूद चीनी मांझा चोरी-छिपे बाजारों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से मिल रहा था। कोर्ट ने इस समस्या की जड़ पर वार किया है, जिससे इसकी पहुंच कम होगी। इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होनी है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।
आखिर क्यों है चीनी मांझा इतना खतरनाक?
सामान्य सूती मांझे के मुकाबले चीनी मांझा नायलॉन या सिंथेटिक धागों से बना होता है, जिस पर कांच के महीन कणों और धातु के बुरादे की परत चढ़ाई जाती है। यह इसे बेहद धारदार और मजबूत बनाता है, जिससे यह आसानी से टूटता नहीं।
यही विशेषता इसे जानलेवा बनाती है। यह बिजली के तारों में फंसकर शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकता है, जिससे आग लगने या बिजली का झटका लगने का खतरा रहता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह इंसानों और पक्षियों के लिए गंभीर चोट या मौत का कारण बनता है।
मायने और प्रभाव: आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता
हाईकोर्ट का यह सख्त निर्देश उत्तर प्रदेश की आम जनता के लिए बेहद राहत भरा है। यह सिर्फ एक कानूनी फैसला नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती असुरक्षा के खिलाफ एक मजबूत संदेश है। ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगने से उन लोगों तक इसकी पहुंच कम होगी, जो इसे आसानी से घर बैठे मंगवा लेते थे।
यह कदम सरकार पर भी दबाव बढ़ाएगा कि वह न सिर्फ प्रतिबंध लगाए, बल्कि उसे जमीन पर सख्ती से लागू भी करे। पुलिस और प्रशासन को अब दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। यह फैसला बच्चों और युवाओं को पतंगबाजी के दौरान होने वाले हादसों से बचाएगा और पक्षियों के जीवन को भी सुरक्षित रखेगा। यह दिखाता है कि न्यायपालिका आपकी सुरक्षा को कितनी गंभीरता से लेती है।
Image Source: www.amarujala.com



