HomeBlogपहलगाम आतंकी हमला: पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया और 'ऑपरेशन सिंदूर' की...

पहलगाम आतंकी हमला: पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की इनसाइड स्टोरी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए खौफनाक आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लेकिन क्या आप जानते हैं, उस वक्त सऊदी अरब दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत लौटते ही सबसे पहला सवाल क्या पूछा था? राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अब उस ऐतिहासिक पल और भारत के पलटवार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े कई सनसनीखेज राज़ खोले हैं, जो आतंक के खिलाफ भारत की दृढ़ता को दर्शाते हैं।

पहलगाम हमला: जब पीएम मोदी ने पूछा ‘यह किसने किया?’

बात है 22 अप्रैल 2025 की, जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देश को हिला दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के दौरे पर थे। खबर मिलते ही वे तुरंत भारत लौटे, और हवाई अड्डे पर उतरते ही उनका पहला सवाल किसी प्रोटोकॉल से जुड़ा नहीं था, बल्कि सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से पूछा गया था।

डोभाल ने एक विशेष डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डीक्लासिफाइड’ में खुलासा किया कि पीएम मोदी ने उनसे पूछा, “यह किसने किया है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? मुझे यह जानकारी तुरंत चाहिए।” यह सवाल बताता है कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में देश की सुरक्षा और आतंकियों को जवाब देना सबसे ऊपर था। उनका यह सीधा और निर्णायक रुख भारत की आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का प्रतिबिंब है।

ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ भारत का करारा जवाब

प्रधानमंत्री के इस सवाल के बाद भारत ने जो रणनीति अपनाई, उसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया। यह सिर्फ एक जवाबी कार्रवाई नहीं थी, बल्कि पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी शिविरों को जड़ से खत्म करने का एक बड़ा और सुनियोजित अभियान था। इसका लक्ष्य आतंक के उन ठिकानों को ध्वस्त करना था, जो भारत में अशांति फैलाने की साजिश रचते हैं।

एनएसए डोभाल ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का लक्ष्य आतंक के हर गढ़ को तबाह करना है। उन्होंने दृढ़ता से कहा है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक अंतिम आतंकवादी का खात्मा नहीं हो जाता। यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिबद्धता और दुश्मनों को कड़ा संदेश है कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।

मायने और प्रभाव: देश के लिए क्यों जरूरी है यह खुलासा?

एनएसए अजीत डोभाल के ये खुलासे आम जनता के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण हैं। पहला, यह दिखाता है कि देश का नेतृत्व आतंकी हमलों के बाद कितनी तत्परता और गंभीरता से काम करता है। प्रधानमंत्री का सीधा सवाल उनकी निर्णायक नेतृत्व क्षमता और देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के संकल्प को दर्शाता है।

दूसरा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी रणनीतिक कार्रवाइयां देश की सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता और समन्वय को उजागर करती हैं। यह जनता को आश्वस्त करता है कि उनकी सुरक्षा के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है और आतंक के खिलाफ उनकी लड़ाई सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं है।

तीसरा, पाकिस्तान और PoK में आतंकी शिविरों को निशाना बनाने की बात भारत की उस दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाती है कि वह अपनी सीमाओं के बाहर भी आतंक के स्रोतों को खत्म करने में संकोच नहीं करेगा। यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों को बल मिलता है।

संक्षेप में, यह खबर सिर्फ एक आतंकी हमले के बाद की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति, उसके नेतृत्व की दृढ़ता और आतंक के खिलाफ उसकी अटूट लड़ाई का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो भविष्य के लिए भी एक स्पष्ट संदेश देता है।

Image Source: www.jagran.com

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments