वियतनाम (VN) में राष्ट्रभक्ति की ऐसी लहर उठी कि राजधानी हनोई का बा डन्ह स्क्वायर लाखों लोगों से भर गया। देश के हर कोने से आए ये लोग अपने महान नेता हो ची मिन्ह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे, जिन्होंने देश को आजादी दिलाई। यह नजारा था राष्ट्रीय दिवस के मौके पर, जब पूरा देश अपने संस्थापक पिता को याद कर रहा था।
हर साल 2 सितंबर को वियतनाम अपना राष्ट्रीय दिवस मनाता है, और इस बार भी 1 सितंबर की सुबह से ही हनोई में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सूरज की तपिश भी उनके उत्साह को कम नहीं कर पाई। हाथों में फूल और दिलों में श्रद्धा लिए, हजारों लोग हो ची मिन्ह के समाधि स्थल पर उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखे।
राष्ट्रीय दिवस पर उमड़ा जनसैलाब
वियतनाम (VN) के राष्ट्रीय दिवस की पूर्व संध्या से ही, देश के कोने-कोने से लोग हनोई की ओर कूच कर चुके थे। सुबह होते ही, बा डन्ह स्क्वायर और हो ची मिन्ह समाधि स्थल के बाहर लंबी कतारें लग गईं। बच्चे, युवा और बुजुर्ग, सभी एक ही भावना से ओत-प्रोत थे – अपने ‘अंकल हो’ के प्रति अटूट सम्मान व्यक्त करना।
यह सिर्फ एक सरकारी छुट्टी नहीं, बल्कि वियतनामी लोगों के लिए अपनी पहचान और इतिहास को फिर से जीने का अवसर है। उन्होंने सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय किया ताकि उस पवित्र भूमि पर पहुंच सकें, जहां उनके प्रिय नेता का अंतिम विश्राम स्थल है।
बा डन्ह स्क्वायर: श्रद्धा का केंद्र
ऐतिहासिक बा डन्ह स्क्वायर, जहां हो ची मिन्ह ने 2 सितंबर 1945 को वियतनाम की स्वतंत्रता की घोषणा की थी, एक बार फिर राष्ट्रभक्ति का केंद्र बन गया। समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि देने के बाद, कई लोग परिसर में लगी फोटो प्रदर्शनियों को देखने भी गए, जहां हो ची मिन्ह के जीवन और संघर्ष की गाथा तस्वीरों के जरिए बयां की गई थी।
राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक स्थल पर भी भीड़ उमड़ी। लोग उत्सुकता से उस साधारण लकड़ी के घर को देखने पहुंचे, जिसे ‘हाउस-ऑन-स्टिल्ट्स’ कहा जाता है, जहां हो ची मिन्ह ने अपने जीवन के अंतिम 11 साल (1958-1969) बिताए थे। गाइडों से ‘अंकल हो’ की कहानियां सुनकर कई लोगों की आंखें नम हो गईं। इस स्थल के बगल में स्थित हो ची मिन्ह का मछली तालाब भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।
मायने और प्रभाव
वियतनाम (VN) में राष्ट्रीय दिवस पर हो ची मिन्ह को श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ी यह भीड़ सिर्फ एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह देश की सामूहिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के प्रति गहरी कृतज्ञता का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि कैसे एक नेता की विरासत दशकों बाद भी लोगों के दिलों में जिंदा है और उन्हें एकजुट करती है।
इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संघर्ष और स्वतंत्रता के मूल्य से जोड़ते हैं। यह उन्हें बताते हैं कि उन्होंने जो आजादी और संप्रभुता हासिल की है, उसके पीछे कितना बड़ा बलिदान है। यह राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करता है और लोगों को अपने देश के भविष्य के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करता है। वैश्विक परिदृश्य में, यह घटना वियतनाम की मजबूत राष्ट्रीय पहचान और अपने नायकों को सम्मान देने की संस्कृति को दर्शाती है, जो कई विकासशील देशों के लिए एक प्रेरणा हो सकती है।
Image Source: www.vietnam.vn



