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कानपुर: जीटी रोड पर मौत का तांडव, डीसीएम ने कुचली मासूम, भीड़ ने पीटा ड्राइवर

कानपुर, उत्तर प्रदेश: मंगलवार देर रात कानपुर की जीटी रोड एक बार फिर खून से रंग गई। कार्डियोलॉजी के सामने एक तेज रफ्तार डीसीएम ट्रक ने अचानक कट से मुड़ते हुए तीन साल की एक मासूम बच्ची को कुचल दिया। यह दिल दहला देने वाला हादसा इतना भीषण था कि बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने डीसीएम के ड्राइवर व क्लीनर को पकड़कर बुरी तरह पीटा।

जीटी रोड पर कैसे हुआ ये दर्दनाक हादसा?

यह भयावह घटना मंगलवार रात करीब 11:15 बजे की है। जानकारी के मुताबिक, कानपुर में जीटी रोड पर कार्डियोलॉजी अस्पताल के सामने एक डीसीएम ट्रक अचानक एक कट से मुड़ा। इसी दौरान सड़क पार कर रही एक तीन साल की बच्ची डीसीएम के पिछले पहिए की चपेट में आ गई। बच्ची को रौंदते हुए ट्रक आगे निकल गया, जिससे उसकी तुरंत मौत हो गई। इस दौरान पास से गुजर रहे स्कूटी सवार दंपती भी इस हादसे की चपेट में आकर घायल हो गए।

गुस्साए लोगों ने ड्राइवर को पीटा, पुलिस पहुंची

मासूम बच्ची को डीसीएम के पहिए तले कुचलते देख आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों का गुस्सा बेकाबू हो गया। उन्होंने तुरंत डीसीएम को रोका और उसके ड्राइवर व क्लीनर को गाड़ी से खींचकर जमकर पीटा। भीड़ का आक्रोश इतना ज्यादा था कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों को काफी चोटें आ चुकी थीं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, भीड़ को शांत किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मायने और प्रभाव: कानपुर की सड़कों पर कब रुकेगा मौत का खेल?

कानपुर के जीटी रोड पर यह दर्दनाक हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हमारी सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है।

  • खतरनाक कट और बेतरतीब ट्रैफिक: जीटी रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर अचानक और गैर-कानूनी कट अक्सर हादसों का कारण बनते हैं। बड़े वाहन, खासकर डीसीएम और ट्रक, अक्सर नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से मुड़ते हैं, जिससे छोटे वाहन और पैदल यात्री उनकी चपेट में आ जाते हैं।
  • बच्चों की सुरक्षा पर सवाल: एक तीन साल की बच्ची का यूं सड़क हादसे में जान गंवा देना दिखाता है कि बच्चों और पैदल चलने वालों के लिए हमारी सड़कें कितनी असुरक्षित हैं। फुटपाथ की कमी, ज़ेबरा क्रॉसिंग का अभाव और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रहा है।
  • जनता का आक्रोश: हादसे के बाद भीड़ द्वारा ड्राइवर की पिटाई करना दिखाता है कि आम जनता में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर कितना गुस्सा और हताशा है। यह प्रशासन के लिए एक संदेश है कि लोगों का धैर्य टूट रहा है।
  • ट्रैफिक प्रबंधन की चुनौती: कानपुर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करते हैं। इन हादसों को रोकने के लिए सिर्फ चालान काटने से ज्यादा, बल्कि सड़क डिज़ाइन में सुधार, जागरूकता अभियान और नियमों के सख्त पालन की आवश्यकता है। यह घटना हमें फिर से सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कानपुर की सड़कों पर मासूमों की जान कब तक यूं ही जाती रहेगी?

Image Source: www.amarujala.com

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