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ग्रीन कार्ड घोटाला: अमेरिकी अधिकारी ने लाखों डॉलर में बेची नागरिकता, हुआ गिरफ्तार

अमेरिकी इमिग्रेशन में बड़ा घोटाला: पूर्व अधिकारी ने लाखों डॉलर में बेची नागरिकता

अमेरिका में एक ऐसे बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है जिसने सबको चौंका दिया है। अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा (USCIS) के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी पर आरोप है कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर लाखों डॉलर की रिश्वत लेकर लोगों को ग्रीन कार्ड और नागरिकता हासिल करने में मदद की। यह मामला सार्वजनिक विश्वास और इमिग्रेशन प्रक्रिया की अखंडता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

क्या है पूरा मामला?

पूर्व USCIS अधिकारी, लुकमान ओवोलाबी गानियु, और उसके वित्तीय साथी, एडेनियी अकीम सोमोये, को संघीय आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने लगभग 960,000 डॉलर (लगभग 8 करोड़ रुपये) की रिश्वत लेकर इमिग्रेशन लाभ आवेदनों, जिसमें नागरिकता के मामले भी शामिल थे, को प्रोसेस करने में धांधली की। यह घोटाला कई सालों से चल रहा था, जहां अवैध तरीके से इमिग्रेशन आवेदनों में हेरफेर और उन्हें तेजी से निपटाया जाता था।

अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय, उत्तरी जिला टेक्सास के अनुसार, गानियु और सोमोये को सार्वजनिक अधिकारी द्वारा अवैध परितोषण प्राप्त करने की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी हाल ही में हुई है, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने इस मामले में और गहराई से छानबीन शुरू कर दी है।

कैसे होता था घोटाला?

अभियोजकों का आरोप है कि दिसंबर 2019 से मार्च 2026 के बीच, इस जोड़ी ने मानक प्रक्रियाओं को ताक पर रख दिया। वे उन आवेदकों को प्राथमिकता देते थे जिन्होंने गानियु को रिश्वत दी थी, जिससे आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच, इंटरव्यू, मानक USCIS प्रोसेसिंग प्रोटोकॉल और अन्य समीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कदम छोड़ दिए जाते थे।

आरोप है कि गानियु ने USCIS सिस्टम में बदलाव करके पैसे के बदले आवेदनों को तेजी से आगे बढ़ाया। उसने सबसे पहले सोमोये की नागरिकता जल्दी मंजूर की, फिर उसकी पत्नी और बच्चे के निवास आवेदनों को भी मंजूरी दी। गानियु कथित तौर पर मिनियापोलिस, शार्लोट और ह्यूस्टन में USCIS फील्ड कार्यालयों से आवेदनों को अपने पास रीडायरेक्ट करता था, ताकि वह स्थानीय सुपरवाइजरों को दरकिनार कर खुद ही उन्हें मंजूरी दे सके।

पैसे का लेन-देन और सबूत

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, गानियु ने ज़ेले और कैश ऐप के जरिए नागरिकता आवेदकों से लगभग $671,438 प्राप्त किए। इसके अलावा, उसे $287,830 नकद जमा के रूप में मिले, जिसे अभियोजकों का कहना है कि पैसे के स्रोत को छिपाने के लिए किया गया था।

सोमोये, जो कथित तौर पर वित्तीय मध्यस्थ के रूप में काम करता था, ने आवेदकों से जुड़े लगभग $1.7 मिलियन के हस्तांतरण को संभाला। इसमें बैंक खाते, ज़ेले और कैश ऐप के माध्यम से लेनदेन शामिल थे, और वह कथित तौर पर भुगतानों का एक हिस्सा अपने पास रखता था। उसने $449,010 नकद भी जमा किए। जांचकर्ताओं को गानियु, सोमोये और आवेदकों के बीच हजारों व्हाट्सएप संदेश और सैकड़ों कॉल भी मिले हैं, जो उनके लेन-देन का पुख्ता सबूत हैं।

अभियोजकों के अनुसार, गानियु ने अपनी गिरफ्तारी से कुछ महीने पहले मार्च में ‘व्यक्तिगत कारणों’ का हवाला देते हुए USCIS से इस्तीफा दे दिया था। इस मामले में प्रत्येक आरोपी को पांच साल तक की संघीय जेल और $250,000 तक का जुर्माना हो सकता है।

मायने और प्रभाव

यह घोटाला सिर्फ एक अपराध का मामला नहीं है, बल्कि इसके गहरे मायने और दूरगामी प्रभाव हैं।

  • विश्वास का संकट: यह घटना सरकार और उसकी संस्थाओं में आम जनता के विश्वास को कमजोर करती है। जब एक सरकारी अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करता है, तो यह दर्शाता है कि व्यवस्था में सेंध लगाई जा सकती है।
  • इमिग्रेशन प्रक्रिया की अखंडता: अमेरिका में ग्रीन कार्ड और नागरिकता हासिल करना कई लोगों का सपना होता है। इस तरह के घोटाले से पूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। यह उन लाखों ईमानदार आवेदकों के साथ अन्याय है जो वैध तरीके से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश: अमेरिकी अटॉर्नी रयान रेबोल्ड ने कहा, "नकद के बदले इमिग्रेशन लाभ बेचना सार्वजनिक विश्वास का घोर दुरुपयोग है। जब एक संघीय अधिकारी वैध स्थिति पर कीमत लगाता है, तो हम तुरंत हस्तक्षेप करेंगे।" यह बयान स्पष्ट करता है कि भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और कानून तोड़ने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
  • वैश्विक प्रभाव: दुनिया भर से लोग अमेरिका में बेहतर जीवन की तलाश में आते हैं। ऐसे में, यह खबर भारत जैसे देशों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो अमेरिकी नागरिकता या स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) पाने का सपना देखते हैं। यह उन्हें सतर्क करता है कि शॉर्टकट अपनाने की कोशिश कितनी महंगी पड़ सकती है।

यह मामला दिखाता है कि कैसे कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए पूरी व्यवस्था को दूषित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अंततः न्याय की जीत होती है।

Image Source: www.foxnews.com

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