बरेली के आंवला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मनौना धाम परिसर से एक डेढ़ साल का मासूम बच्चा रहस्यमय तरीके से लापता हो गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और बच्चे के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। यह वाकया रविवार दोपहर का है, जब मासूम परिसर में खेल रहा था और अचानक आंखों से ओझल हो गया।
लापता बच्चे के पिता एक सफाईकर्मी हैं, जो मनौना धाम परिसर में ही अपनी सेवाएं देते हैं। उनके लिए यह घटना किसी वज्रपात से कम नहीं है। परिवार और स्थानीय लोग बच्चे की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
मनौना धाम से गायब हुआ मासूम
रविवार दोपहर को बच्चा परिसर में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। कुछ देर बाद जब परिजनों ने उसे देखा तो वह अपनी जगह पर नहीं था। पहले तो सोचा गया कि वह आसपास ही कहीं होगा, लेकिन घंटों की तलाश के बाद भी जब वह नहीं मिला, तो परिवार के होश उड़ गए।
तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों ने बच्चे के अपहरण की आशंका व्यक्त की, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मनौना धाम परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान एक चौंकाने वाला सच सामने आया। फुटेज में दो संदिग्ध लोग बच्चे को अपने साथ ले जाते हुए साफ दिखाई दिए हैं।
इन तस्वीरों ने अपहरण की आशंका को और मजबूत कर दिया है। पुलिस अब इन संदिग्धों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए तेजी से काम कर रही है। यह फुटेज पुलिस के लिए जांच की अहम कड़ी साबित हुई है।
पुलिस की टीमें जांच में जुटीं
बरेली पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने और उनकी धरपकड़ के लिए दिन-रात एक कर रही हैं।
आसपास के इलाकों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही बच्चे को बरामद कर अपराधियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
मायने और प्रभाव
मनौना धाम से डेढ़ साल के मासूम बच्चे के अपहरण की यह घटना बरेली ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। यह दिखाता है कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थानों पर भी अब बच्चों की सुरक्षा कितनी जोखिम भरी हो गई है। एक सफाईकर्मी के मासूम बेटे का इस तरह अगवा होना, समाज के कमजोर तबके की असुरक्षा को भी उजागर करता है।
यह घटना माता-पिता को अपने बच्चों की निगरानी और सुरक्षा के प्रति और अधिक सतर्क रहने का कड़ा संदेश देती है। लोगों में भय का माहौल है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द बच्चे को ढूंढकर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस घटना ने सामुदायिक सुरक्षा और पुलिस की सक्रियता पर भी जोर दिया है।
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