भारत के टेक बाजार में आसुस का मेगा प्लान: 30% लैपटॉप अब ‘मेड इन इंडिया’!
भारत का टेक्नोलॉजी बाजार एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। मशहूर लैपटॉप निर्माता कंपनी आसुस ने देश में अपने उत्पादन को अभूतपूर्व तरीके से बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी अब भारत में अपने कुल लैपटॉप उत्पादन का 30% हिस्सा यहीं तैयार करने की तैयारी में है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
यह फैसला सिर्फ संख्या बढ़ाने का नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आसुस का यह कदम भारत में बढ़ती डिजिटल मांग और सरकार की सहायक नीतियों का सीधा परिणाम है।
गेमिंग और डुअल डिस्प्ले लैपटॉप पर रहेगा खास जोर
आसुस की इस रणनीति का एक अहम पहलू गेमिंग लैपटॉप पर विशेष ध्यान देना है। भारत में गेमिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है और आसुस इस उभरते बाजार का पूरा फायदा उठाना चाहती है। चालू वित्त वर्ष में कंपनी गेमिंग लैपटॉप का उत्पादन भारत में ही शुरू करने जा रही है, जिससे भारतीय गेमर्स को स्थानीय स्तर पर बने बेहतरीन उत्पाद मिल सकेंगे।
इसके साथ ही, आसुस का प्रीमियम डुअल डिस्प्ले वाला ज़ेनबुक डुओ 2026 मॉडल भी चर्चा में है। मल्टीटास्किंग के लिए डिज़ाइन किया गया यह लैपटॉप अपनी शानदार बैटरी बैकअप और प्रीमियम डिज़ाइन के साथ यूज़र्स को एक अलग अनुभव देता है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे अत्याधुनिक लैपटॉप भी भारत में ही असेंबल किए जाएंगे।
सरकार की ‘पीएलआई’ योजना का बड़ा असर
आसुस का यह बड़ा दांव भारत सरकार की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का सीधा नतीजा है। इस योजना ने विदेशी कंपनियों को भारत में विनिर्माण इकाईयां स्थापित करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। आसुस जैसी बड़ी कंपनी का यह कदम भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का एक मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
यह न केवल देश की अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को भी मजबूत करेगा। भारतीय उपभोक्ताओं को अब बेहतर और शायद अधिक किफायती विकल्पों की उम्मीद हो सकती है, क्योंकि स्थानीय उत्पादन से लागत में कमी आ सकती है।
मायने और प्रभाव
आसुस का भारत में लैपटॉप उत्पादन बढ़ाने का फैसला आम जनता के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। सबसे पहले, इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों से लेकर सप्लाई चेन और रिटेल तक, हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलेगा।
दूसरे, यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे सरकारी अभियानों को मजबूत करेगा। जब दुनिया की बड़ी कंपनियां भारत में उत्पादन करती हैं, तो इससे देश की तकनीकी क्षमता और वैश्विक साख बढ़ती है। भारतीय युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ काम करने का मौका मिलेगा।
तीसरे, स्थानीय उत्पादन बढ़ने से लैपटॉप की उपलब्धता बेहतर होगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद शायद कम कीमत पर मिल सकेंगे। विशेष रूप से गेमिंग लैपटॉप और प्रीमियम सेगमेंट में, भारतीय उपभोक्ताओं को अब अधिक विकल्प और वैल्यू मिलने की उम्मीद है। यह भारत को सिर्फ एक उपभोक्ता बाजार से बदलकर एक वैश्विक विनिर्माण शक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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