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कुशीनगर: कप्तानगंज में कानूनगो का रिश्वत लेते वीडियो वायरल, योगी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ पर सवाल

कुशीनगर के कप्तानगंज तहसील में कानूनगो ओमप्रकाश पांडेय का रिश्वत लेते वीडियो वायरल हो गया है। यह वीडियो योगी सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जिससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर दाग लगा है।

वायरल वीडियो: कानूनगो पर रिश्वत का आरोप

जनपद कुशीनगर की कप्तानगंज तहसील एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां तैनात कानूनगो (Kanoongo) ओमप्रकाश पांडेय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर एक गरीब किसान से खेत की पैमाइश (Land Measurement) के नाम पर पैसों का लेन-देन करते दिख रहे हैं। इस वीडियो ने तहसील प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

वीडियो में जिस तरह से पैसों का आदान-प्रदान हो रहा है, वह राजस्व विभाग (Revenue Department) में व्याप्त भ्रष्टाचार (Corruption) की कहानी खुद बयां कर रहा है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

किसानों का आक्रोश: सिस्टम पर गंभीर सवाल

इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। उनका कहना है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं, बल्कि तहसील परिसर में भ्रष्टाचार एक आम बात हो गई है। किसानों के मुताबिक, बिना ‘गांधी छाप’ कागज के यहाँ कोई काम नहीं होता।

  • किसानों का आरोप है कि पैमाइश जैसे सामान्य काम के लिए उन्हें महीनों तहसील (Tehsil) के चक्कर लगवाए जाते हैं।
  • जब किसान थक हार जाता है, तो उससे ‘सेवा शुल्क’ के नाम पर रिश्वत की मांग की जाती है।
  • रिश्वत देने वालों का काम तुरंत होता है, जबकि नियम-कानून की दुहाई देने वालों की फाइलें धूल फांकती रहती हैं।

यह वायरल वीडियो केवल कानूनगो ओमप्रकाश पांडेय पर ही नहीं, बल्कि कप्तानगंज तहसील के उच्चाधिकारियों की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। सवाल है कि क्या उन्हें इस ‘वसूली तंत्र’ की भनक नहीं थी?

प्रशासनिक कार्रवाई और जनता की मांग

मामला तूल पकड़ने के बाद प्रशासनिक अधिकारी डैमेज कंट्रोल में जुट गए हैं। तहसील प्रशासन की ओर से रटा-रटाया बयान सामने आया है कि “मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।”

हालांकि, स्थानीय लोगों और किसान संगठनों की मांग है कि केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति न की जाए। उनकी मांग है कि दोषी कर्मचारी को तत्काल निलंबित (Suspended) कर जेल भेजा जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर इस बार सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे तहसील मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन (Agitation) करेंगे।

विशेषण और विचार (News & Views)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति के बावजूद, कप्तानगंज जैसी तहसीलों में निचले स्तर पर भ्रष्टाचार का यह वीडियो दिखाता है कि जमीनी हकीकत अभी भी काफी अलग है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या केवल जांच के आश्वासन से जनता का विश्वास बहाल होगा, या फिर वाकई कोई ठोस और त्वरित कार्रवाई होगी, जो इस ‘तंत्र’ को सुधार सके?

Image Source: ksnsamachar.com

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