कुशीनगर के मठिया आलम ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में कथित धांधली का मामला गरमा गया है। 10 दिन की मोहलत के बाद भी ग्राम प्रधान पुख्ता साक्ष्य पेश नहीं कर पाए, जबकि विदेश में रह रहे युवक के जॉब कार्ड से भी सरकारी धन निकाले जाने का गंभीर आरोप है।
मुख्य खबर: मठिया आलम में ‘विकास’ पर सवाल
नेबुआ नौरंगिया (कुशीनगर): कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक स्थित मठिया आलम ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में कथित धांधली (Irregularities) का मामला गहराता जा रहा है। जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर गठित जांच टीम को 10 दिन की मोहलत दिए जाने के बावजूद ग्राम प्रधान चंद्रिका कुशवाहा अब तक कोई पुख्ता साक्ष्य (Evidence) पेश नहीं कर पाए हैं।
यह मामला तब और गरमा गया जब कुछ दिन पहले जांच टीम गांव पहुंची, लेकिन ग्राम प्रधान और शिकायतकर्ता के बीच तीखी नोकझोंक के कारण बिना जांच पूरी किए ही लौटना पड़ा। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रधान को नोटिस जारी कर 10 दिनों में जवाब मांगा था, जिसकी समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है।
गंभीर आरोप और प्रधान का बचाव
शिकायतकर्ता संतराज कुशवाहा ने तीन महीने पहले जिलाधिकारी (DM) को पत्र लिखकर इस भ्रष्टाचार (Corruption) का खुलासा किया था। उनका सबसे गंभीर आरोप है कि गांव का एक युवक जो वर्तमान में विदेश में रह रहा है, उसके जॉब कार्ड (Job Card) का इस्तेमाल कर सरकारी धन की निकासी (Withdrawal) कर ली गई है।
इसके साथ ही, एक ही कार्ययोजना (Work Plan) पर अलग-अलग मदों (Heads) से लाखों रुपये निकालने का फर्जीवाड़ा (Fraud) भी सामने आया है। दूसरी ओर, ग्राम प्रधान चंद्रिका कुशवाहा ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उनका दावा है कि उन्होंने सभी साक्ष्य (Evidence) जुटा लिए हैं और जांच अधिकारी (Investigation Officer) छुट्टी या प्रशिक्षण से लौटते ही अपना पक्ष रखेंगे।
प्रशासन का रुख और आगे की राह
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) वंदिता श्रीवास्तव ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आरोपों की बारीकी से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी।
उधर, शिकायतकर्ता संतराज कुशवाहा ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच (Fair Investigation) नहीं हुई, तो वे न्याय के लिए उच्च न्यायालय (High Court) का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे।
- मामला: मठिया आलम ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता और फर्जी धननिकासी।
- जांच अधिकारी: गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी और पीडब्ल्यूडी जेई संदीप कुमार।
- समय सीमा: 10 दिन की नोटिस अवधि समाप्त।
- मुख्य आरोप: विदेश में रह रहे युवक के जॉब कार्ड से धन निकासी, एक ही कार्य पर अलग-अलग मदों से लाखों का भुगतान।
विशेषण और विचार (News & Views)
एक तरफ प्रशासन निष्पक्ष जांच का दावा कर रहा है, वहीं ग्राम प्रधान का साक्ष्य पेश करने में देरी और जांच अधिकारियों की अनुपस्थिति जैसे तर्क इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हैं। क्या यह केवल बहानेबाजी है या फिर प्रशासनिक ढिलाई, जिसका सीधा असर जनता के विकास कार्यों पर पड़ रहा है?



