फीफा वर्ल्ड कप 2026: ली जे-सुंग – माइनज़ से साउथ कोरिया तक, क्या है इस मिडफील्डर का जादू?
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का बिगुल बजने वाला है और दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें उन खिलाड़ियों पर टिकी हैं, जो अपनी टीम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं। ऐसे ही एक नाम हैं साउथ कोरिया के अनुभवी मिडफील्डर ली जे-सुंग। बुंदेसलीगा क्लब माइनज़ में अपने शानदार प्रदर्शन से उन्होंने न सिर्फ अपने क्लब को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, बल्कि अब साउथ कोरियाई टीम को भी उनसे वर्ल्ड कप में बड़े कमाल की उम्मीद है।
माइनज़ में कमाल, यूरोप में धमाल
ली जे-सुंग के करियर में एक अहम मोड़ तब आया, जब पिछले दिसंबर में उर्स फिशर ने माइनज़ के मुख्य कोच का पद संभाला। शुरुआत में संघर्ष कर रही टीम ने फिशर के मार्गदर्शन में गजब का प्रदर्शन किया और बुंदेसलीगा में 10वें स्थान पर अपनी जगह बनाई। यह उनके लिए एक बड़ी छलांग थी।
सिर्फ घरेलू लीग ही नहीं, माइनज़ ने यूईएफए कॉन्फ्रेंस लीग में भी इतिहास रचा। क्लब पहली बार इस यूरोपीय प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचा, जिसमें ली जे-सुंग का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने पूरे सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और कई यादगार गोल दागे।
बायर्न म्यूनिख के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ हुए मैच में उनका सटीक हेडर हो या फियोरेंटीना के खिलाफ कॉन्फ्रेंस लीग में आखिरी मिनट में किया गया निर्णायक गोल, ली जे-सुंग ने हर बड़े मौके पर अपनी छाप छोड़ी। 2025/26 सीजन में उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं में छह गोल किए और चार असिस्ट भी दिए, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।
साउथ कोरिया के लिए अनुभव और गोल का संगम
33 वर्षीय ली जे-सुंग साउथ कोरिया के लिए 100 से अधिक मैच खेल चुके हैं, जिससे वह देश के शीर्ष 10 सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल होने वाले हैं। पूर्व बायर लेवरकुसेन स्टार ह्युंग-मिन सोन के बाद वह हॉन्ग म्योंग-बो की वर्ल्ड कप टीम में दूसरे सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी हैं।
उनके पास वर्ल्ड कप का भरपूर अनुभव है। 2018 के टूर्नामेंट में उन्होंने कोरिया के ग्रुप अभियान के हर मिनट में खेला था और चार साल बाद 2022 में टीम को राउंड ऑफ 16 तक पहुंचाने में मदद की थी।
ली जे-सुंग सिर्फ अनुभव ही नहीं लाते, बल्कि गोल करने की क्षमता भी रखते हैं। वर्ल्ड कप 2026 क्वालीफाइंग में उन्होंने अपने 15 अंतरराष्ट्रीय गोलों में से पांच गोल किए हैं, जिससे वह कनाडा, मैक्सिको और यूएसए में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए हॉन्ग की टीम शीट पर पहले नामों में से एक बन गए हैं। उनका यह प्रदर्शन टीम के लिए एक मजबूत संकेत है।
कोच भी हैं मुरीद
ली जे-सुंग के खेल की तारीफ उनके कोच भी करते नहीं थकते। साउथ कोरिया के कोच हॉन्ग म्योंग-बो कहते हैं, “वह किसी भी भूमिका में खेल सकते हैं, लेकिन मैं उन्हें ह्वांग इन-बॉम के साथ सेंट्रल मिडफ़ील्ड में आज़माना चाहता था। वह एक बहुत ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं।”
माइनज़ के बॉस फिशर उनकी कार्यक्षमता के कायल हैं। वह कहते हैं, “ली को कभी-कभी खुद से बचाने की ज़रूरत होती है। वह बिना किसी समस्या के हफ्ते में तीन बार खेल सकते हैं।” यह उनके बेहतरीन फिटनेस और समर्पण को दर्शाता है।
मायने और प्रभाव
ली जे-सुंग का शानदार फॉर्म और अनुभव फीफा वर्ल्ड कप 2026 में साउथ कोरिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उनकी मौजूदगी टीम को मिडफ़ील्ड में स्थिरता, रचनात्मकता और गोल-स्कोरिंग क्षमता प्रदान करती है। एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में, वह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक भी हैं, जो दबाव भरे मैचों में टीम को एकजुट रखने में मदद करेंगे।
माइनज़ में उनका प्रदर्शन यह साबित करता है कि वह बड़े मंच पर दबाव को झेल सकते हैं और निर्णायक क्षणों में टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। साउथ कोरिया की टीम को अगर वर्ल्ड कप में कोई बड़ा उलटफेर करना है या अपने पिछले प्रदर्शन से आगे बढ़ना है, तो ली जे-सुंग जैसे खिलाड़ियों का चमकना अनिवार्य होगा। उनकी बहुमुखी प्रतिभा और अथक प्रयास न सिर्फ टीम के लिए एक वरदान हैं, बल्कि एशियाई फुटबॉल को वैश्विक मंच पर एक मजबूत पहचान दिलाने में भी मददगार होंगे।
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