फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में जब DR Congo ने फुटबॉल की दिग्गज टीम इंग्लैंड को कड़ी चुनौती दी, तो एक नाम हर किसी की जुबान पर छा गया – गोलकीपर लियोनेल म्पासी (Lionel Mpasi). 31 वर्षीय इस खिलाड़ी ने अपने शानदार बचाव से न सिर्फ अपनी टीम को बढ़त बनाए रखने में मदद की, बल्कि दुनिया को दिखा दिया कि अफ्रीकी फुटबॉल में कितना दम है। चेन्नई से मिली रिपोर्ट के अनुसार, म्पासी का यह प्रदर्शन क्रिकेट के दीवानों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया।
इंग्लैंड के खिलाफ म्पासी का शानदार प्रदर्शन
मैच के सातवें मिनट में ब्रायन सिपेन्गा के गोल से DR Congo ने इंग्लैंड पर बढ़त बना ली थी। लेकिन इस बढ़त को हाफ-टाइम तक बरकरार रखने में गोलकीपर लियोनेल म्पासी की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ियों, हैरी केन और जूड बेलिंगम, के कई खतरनाक हमलों को नाकाम कर दिया।
बेलिंगम ने बेहद करीब से दो हेडर लगाए, लेकिन म्पासी ने फुर्ती दिखाते हुए उन्हें गोल में तब्दील होने से रोक दिया। इसके बाद, पेनल्टी एरिया के दाहिनी ओर से हैरी केन ने एक जोरदार वॉली मारी, जिसे म्पासी ने शानदार डाइव लगाकर बचा लिया। पहले हाफ में उन्होंने कुल तीन बेहतरीन बचाव किए, जिससे उनके ‘गोल्स प्रीवेंटेड’ (बचाए गए गोल) का रेट 1.23 रहा।
विवादास्पद पल और निर्णायक बचाव
मैच में एक विवादास्पद क्षण भी आया, जब म्पासी अपनी लाइन से बाहर आकर हैरी केन से पेनल्टी एरिया में टकरा गए। इंग्लैंड के खेमे ने पेनल्टी की मांग की, लेकिन रेफरी ने इसे खारिज कर दिया, जिससे DR Congo को बड़ी राहत मिली। म्पासी का यह आत्मविश्वास और मैदान पर फैसले लेने की क्षमता उनकी परिपक्वता को दर्शाती है।
कौन हैं लियोनेल म्पासी?
31 वर्षीय लियोनेल म्पासी-नज़ाऊ वर्तमान में फ्रांस के क्लब ले हाव्रे (Le Havre) के लिए खेलते हैं, जहां उन्होंने 2025 में कदम रखा था। हालांकि, उन्होंने अपने करियर का अधिकांश समय फ्रांस की दूसरी डिवीजन टीम रोडेज (Rodez) के साथ बिताया है, जहां उनके नाम एक गोल भी दर्ज है, जो किसी गोलकीपर के लिए एक असामान्य उपलब्धि है।
दिलचस्प बात यह है कि DR Congo का प्रतिनिधित्व करने से पहले, म्पासी ने 2010 से 2012 के बीच फ्रांस की अंडर-17 टीम के लिए भी खेला था। उन्होंने पेरिस सेंट-जर्मेन (Paris-Saint Germain) की बी टीम और फिर टूलूज़ (Toulouse) के लिए भी अपनी सेवाएं दी हैं, जो उनके लंबे और विविध करियर को दर्शाता है।
मायने और प्रभाव
लियोनेल म्पासी का यह प्रदर्शन सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं है, इसके कई गहरे मायने हैं। सबसे पहले, यह अफ्रीकी फुटबॉल की बढ़ती ताकत और प्रतिभा को उजागर करता है। DR Congo जैसी टीमें, जो अक्सर बड़ी फुटबॉल शक्तियों की छाया में रहती हैं, अब विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं। म्पासी जैसे खिलाड़ी साबित करते हैं कि कड़ी मेहनत और प्रतिभा से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है।
दूसरा, यह युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा है, खासकर उन लोगों के लिए जो फुटबॉल में गोलकीपर के रूप में अपना करियर बनाना चाहते हैं। म्पासी ने दिखाया कि कैसे एक व्यक्तिगत प्रदर्शन पूरे मैच का रुख बदल सकता है और अपनी टीम को असंभव लगने वाली जीत के करीब ला सकता है। उनका यह प्रदर्शन उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाएगा, जिससे उनके क्लब करियर को भी फायदा मिल सकता है। यह FIFA विश्व कप 2026 के रोमांच को और बढ़ा रहा है, जहां हर मैच में नए सितारे उभर रहे हैं।
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