बेंगलुरु, कर्नाटक: ‘बिग बॉस कन्नड़’ के घर में इस हफ्ते जो ड्रामा और हंगामा देखने को मिला है, उसने दर्शकों को हैरान कर दिया है। सीजन 13 में इस बार कंटेस्टेंट्स ने टास्क के दौरान सारी हदें पार कर दीं, जिसके बाद शो के होस्ट और सुपरस्टार किच्चा सुदीप का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अब दर्शक बेसब्री से ‘किच्चा की पंचायत’ का इंतजार कर रहे हैं, जहां सुदीप इन ‘अतिरेक’ वाले बर्ताव पर अपना फैसला सुनाएंगे।
बिग बॉस कन्नड़ में हदें पार, क्यों भड़के किच्चा सुदीप?
दरअसल, ‘बिग बॉस कन्नड़’ के इस सीजन में टास्क के दौरान प्रतियोगियों का व्यवहार लगातार विवादों में रहा है। खासकर ‘गंधर्व और राक्षस’ टास्क के दौरान और नॉमिनेशन को लेकर हुए झगड़ों ने घर का माहौल बिगाड़ दिया। सोशल मीडिया पर भी दर्शक कह रहे हैं कि पिछले 12 सीज़न में ऐसा हंगामा कभी नहीं देखा गया। इस बार के झगड़ों में भाषा की मर्यादा भी टूट गई, जिससे दर्शक और खुद किच्चा सुदीप बेहद नाराज हैं।
‘गाली-गलौज’ और ‘बीप’ साउंड की भरमार
इस हफ्ते ‘बिग बॉस कन्नड़’ के घर में मॉडर्न कवि मंजन का व्यवहार और नॉमिनेशन के मुद्दे पर गानवी और गगन के बीच हुई तीखी बहस ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। झगड़े के दौरान कंटेस्टेंट्स ने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया कि टीवी पर उन्हें ‘बीप’ साउंड से छिपाना पड़ा। दर्शकों का कहना है कि ‘बिग बॉस’ के इतिहास में इतनी ‘बीप’ कभी नहीं सुनी गईं। यह सब देखकर किच्चा सुदीप ने फैसला कर लिया है कि इस बार सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि कड़े निर्णय लिए जाएंगे।
किच्चा का ‘फैसला’ और मॉडर्न कवि मंजन पर वार
हाल ही में जारी हुए प्रोमो में किच्चा सुदीप ने साफ कहा है, ‘इस हफ्ते चर्चा करने से ज्यादा फैसले लेने हैं।’ उन्होंने मॉडर्न कवि मंजन को उनकी अभद्र भाषा के लिए अपने ही अंदाज में सबक सिखाया। सुदीप ने मंजन को घर के सदस्यों के जरिए ही फटकार लगाई, और जब मंजन ने अपनी मां की निराशा भरी बातें सुनीं, तो वह रो पड़े। अब देखना यह है कि बाकी झगड़ालू कंटेस्टेंट्स के साथ किच्चा सुदीप किस तरह से निपटते हैं। फैंस यह जानने के लिए उत्साहित हैं कि क्या इस कड़े ‘क्लास’ के बाद घर के माहौल में कोई सुधार आएगा।
मायने और प्रभाव
‘बिग बॉस कन्नड़’ जैसे रियलिटी शो में कंटेस्टेंट्स का ऐसा ‘अतिरेक’ वाला व्यवहार सिर्फ शो की टीआरपी पर ही असर नहीं डालता, बल्कि समाज में एक गलत संदेश भी देता है। किच्चा सुदीप का सख्त रुख इस बात का प्रतीक है कि मनोरंजन के नाम पर भी मर्यादा का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटना दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या टीआरपी की होड़ में कंटेस्टेंट्स अपनी नैतिकता खो रहे हैं। सुदीप का यह ‘क्लास’ न सिर्फ मौजूदा प्रतिभागियों के लिए एक सबक है, बल्कि भविष्य के ‘बिग बॉस’ कंटेस्टेंट्स और दर्शकों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि मनोरंजन के साथ-साथ सम्मान और संयम भी बेहद जरूरी हैं। यह घटना बेंगलुरु और पूरे कर्नाटक के दर्शकों के बीच ‘बिग बॉस कन्नड़’ की छवि पर गहरा असर डालेगी, और शायद आने वाले हफ्तों में घर का माहौल थोड़ा शांत हो पाए।
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