HomeBlogसहजन: गोरखपुर की रसोई से सेहत का नया 'सुपरफूड', घर बैठे उगाना...

सहजन: गोरखपुर की रसोई से सेहत का नया ‘सुपरफूड’, घर बैठे उगाना अब और भी आसान!

कल्पना कीजिए एक ऐसे पौधे की जो बीमारियों से लड़ने में मदद करे, ऊर्जा बढ़ाए और आप उसे अपनी छत या छोटे से बगीचे में आसानी से उगा सकें। क्या यह किसी सपने जैसा लगता है? अब नहीं!

गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय (DDU) ने एक ऐसे ही चमत्कारिक पौधे ‘सहजन’ यानी मोरिंगा पर गहन शोध किया है, जिसके फायदे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। यह पौधा अब सिर्फ गाँवों की पहचान नहीं, बल्कि शहरी घरों की सेहत का नया साथी बन रहा है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय की खोज: डॉ. अभय का शोध

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बॉटनी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. अभय ने मोरिंगा की खूबियों पर विस्तृत अध्ययन किया है। उनके शोध ने इस बात पर मुहर लगाई है कि मोरिंगा वाकई एक पोषण से भरपूर पौधा है।

प्रोफेसर डॉ. अभय बताते हैं कि मोरिंगा की पत्तियों में महत्वपूर्ण पोषक तत्व और भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यह इसे एक ‘न्यूट्रिशनल पावरहाउस’ बनाता है, जो हमारे शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है।

क्यों खास है मोरिंगा की पत्तियां?

मोरिंगा की पत्तियां सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के मामले में भी लाजवाब हैं। इनमें विटामिन A, C, E, कैल्शियम, पोटेशियम, प्रोटीन और आयरन जैसे कई पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये सभी शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी हैं।

एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं, जिससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है। यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करता है और शरीर को अंदर से ताकत देता है।

घर बैठे उगाएं सेहत का यह खजाना

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि मोरिंगा को उगाना बेहद आसान है। चाहे आपके पास छत पर एक छोटा गमला हो या घर के आंगन में थोड़ी सी जगह, यह पौधा कहीं भी पनप सकता है। इसे बहुत ज्यादा देखभाल की भी जरूरत नहीं होती।

एक बार लगाने के बाद, आप इसकी ताजी पत्तियों का इस्तेमाल अपनी रोजमर्रा की डाइट में कर सकते हैं। दाल, सब्जी, सूप या चटनी – मोरिंगा की पत्तियां हर व्यंजन में पोषण का तड़का लगा सकती हैं।

मायने और प्रभाव: आपके स्वास्थ्य और रसोई पर असर

गोरखपुर विश्वविद्यालय का यह शोध सिर्फ एक अकादमिक उपलब्धि नहीं, बल्कि आम जनता के लिए स्वास्थ्य और पोषण का एक नया द्वार खोलता है। महंगे सप्लीमेंट्स और दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय, मोरिंगा एक प्राकृतिक और सस्ता विकल्प प्रदान करता है।

यह हर परिवार को अपनी रसोई में ही एक ‘औषधालय’ बनाने का मौका देता है। गोरखपुर और आसपास के इलाकों में लोग अपने घरों में सहजन उगाकर न केवल अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर पोषण सुरक्षा को भी बढ़ावा देगा। यह दिखाता है कि कैसे स्थानीय शोध आम जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

Image Source: hindi.news18.com

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments