Krishna Gupta
महराजगंजः जिले से बड़े पैमाने पर गेहूं तस्करी कर नेपाल पहुंचाया जा रहा है। जनपद के क्रय केंद्रों पर सन्नाटा है। तस्कर व विचौलिए किसानों के घर से ही गेहूं खरीद ले रहे हैं। इसके बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में डंप कर रहे हैं। फिर मौका मिलते ही सरहद पार नेपाल पहुंचा दे रहे हैं। जिलेमें पहले एक मार्च से गेहूं खरीद की तिथि निर्धारित की गई थी। इसके बाद शासन स्तर से संशोधन करते हुए 17 मार्च से गेहूं खरीद करने की प्रक्रिया शुरू की गई। किसानों से गेहूं की खरीद के लिए 166 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से निधर्धारित किया गया है। बावजूद क्रय केंद्रों पर सन्नाटा रहा।

31 मार्च को तीन केंद्रों पर 17.50 मीट्रिक टन की गेहूं क्रय कर विभाग ने खरीद का शुभारंभ किया। पूरा मार्च बीतने के बाद भी खरीद की प्रगति की स्थिति चिंता का विषय है। उधर सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में तस्कर सक्रिय हो गए हैं। दरअसल नेपाल सीमा से लगने वाली महराजगंज जिले की 84 किलोमीटर सीमा पूरी तरह से खुली हुई है। इस हरदीडाली के पास नोमेंस लैंड के रास्ते भारत से गेहूं नेपाल ले जाते तस्कर रास्ते से बिना रोक-टोक दोनों देश के लोग आते-जाते हैं। दोनों देशों में बिकने वाली वस्तु की जब भी मांग बढ़ती है तो उसकी तस्करी शुरू हो जाती है। यही कारण है कि नेपाल और महराजगंज जनपद में गेहूं के मूल्य में काफी अंतर का लाभ तस्कर उठाने लगे हैं। त



