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Maharajganj News: बड़े पैमाने पर हो रही भारतीय सामानों की तस्करी (स्मगलिंग), तस्कर मालामाल, लगा रहे भारतीय राजस्व को चूना

Krishna Gupta:

इन दिनों महराजगंज के सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तस्करी (स्मगलिंग) का खेल चल रहा है,जिसे रोकने में जिम्मेदार अधिकारी नाकाम साबित होते नजर आ रहे हैं। भारतीय सामानों को मोटरसाइकिल, पिकअप, ई रिक्शा ही नहीं बल्कि अपने कंधे पर उठाकर रात ही नहीं बल्कि दिन में खुलेआम सीमा पार पहुंचा दे रहे हैं।

भारत नेपाल के अंतरराष्ट्रीय सीमा सोनौली बॉर्डर पर सीमा के जवानों द्वारा अवैध गतिविधि करने वालों पर नकेल कसने के लिए अलर्ट पर है और आए दिन अपने अलर्टनेस से अवैध सामानों को सीमा पार जाने से रोक लेती हैं और अग्रिम कार्यवाही के लिए सीमा पर बने कस्टम विभाग को सुपुर्द कर देती हैं। जिससे कस्टम विभाग अपने दफ्तर में बैठे-बैठे ही बरामद माल का सीमा शुल्क लेकर रिलीज करने में जुटी रहती है। लेकिन कभी अपने दफ्तर से बाहर निकाल कर अवैध तरीकों से नेपाल जाने वाले सामानों को रोकने का जद्दोजहद बिल्कुल भी नहीं करती जिससे तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि सिर्फ रात के अंधेरे ही नहीं बल्कि दिन के उजाले में बेखौफ होकर भारतीय राजस्व को चूना लगाकर अवैध तरीके से सामानों को सीमा पार पहुंचा रहे हैं। इससे सीमा पर तैनात कस्टम विभाग की कार्य-गुजरी संदेह के घेरे में है।

लाल टमाटर की काली करतूत की भी थी चर्चा 

बीते 1 वर्ष पूर्व कस्टम विभाग के द्वारा खेले गए लाल टमाटर की काली करतूत सामने आने के बाद सीमा शुल्क आयुक्त लखनऊ ने सीमावर्ती क्षेत्र के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। मामला….नेपाल से भारत में तस्करी कर लाए गए तीन टन टमाटरों को पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा एक संयुक्त अभियान में 7 जुलाई 2023 को जब्त किया था और अग्रिम कार्यवाही के लिए कस्टम विभाग को सुपुर्द कर दिया था। टमाटरों की अनुमानित कीमत 4.8 लाख रुपये की आंकी गई थी। नियमानुसार जब्त की गई खराब होने वाली वस्तुओं को 24 घंटे के अंदर नष्ट कर देना चाहिए, जिसमें अधिकारियों ने रात के अंधेरे में टमाटरों को नष्ट करने का ढोंग रचकर कुछ ही टमाटरों को नष्ट करने की कार्यवाही पूर्ण कर दो वाहनों को छोड़ दिया गया था। हालांकि सीसीटीवी कैमरे में दोनों वाहनों को गोरखपुर की तरफ जाते देख स्थानीय पुलिस ने तस्करी की टमाटरों की इस खेप को एक बार फिर से पकड़ लिया। और लाल टमाटर की काली करतूत का मामला उजागर हो गया। लखनऊ मुख्यालय के कस्टम अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। इस पर सीमा शुल्क आयुक्त लखनऊ ने सीमावर्ती क्षेत्र के चार अधिकारियों को निलंबित भी किया था। निलंबित होने वालों में अधीक्षक विशाल मेहता, निरीक्षक एस.एस. हैदर, आदित्य शर्मा और जितेंद्र कुमार शामिल रहे।

कार्यवाही करने से कतरा रही कस्टम विभाग 

इस कार्यवाही के एक वर्ष बीतने के बाद से मानो कस्टम विभाग अब अपने दफ्तर से बाहर निकलकर कार्यवाही करने से कतरा रही है जब भी सीमा के जवानों द्वारा अवैध सामानों को पकड़ा जाता है और अपने दफ्तर में बैठकर सीमा शुल्क विभाग के अधिकारी माल को रिलीज करने में अपनी ड्यूटी बखूबी रुप से निभाते नजर आते हैं जिससे तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद है कि रात के अंधेरे ही नहीं बल्कि दिन के उजाले में भी बेखौफ होकर प्रतिबंधित वस्तु सहित खाद्य सामग्रियों को भी सीमा पार पहुंचने से बिल्कुल भी नहीं घबराते हैं।

अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि ऐसी तस्वीरें देखने के बाद जिम्मेदार अधिकारी स्मगलिंग के कारोबार को रोकने में अपनी भूमिका किस कदर निभाते हैं?

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