HomePoliticsपूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह की चेतावनी, "हमारे बलिदान को कमजोरी न समझें"

पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह की चेतावनी, “हमारे बलिदान को कमजोरी न समझें”

जनता और राजा ने मिलकर नेपाल में प्रजातंत्र को मजबूत किया था और इसे आगे भी सशक्त और समावेशी बनाना जरूरी है।

Krishna Gupta

नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देश की आम जनता के हित में उन्होंने अपना पद और राजसी सुविधाएँ त्याग दीं, लेकिन इसे उनकी कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्होंने नेपाल की उन्नति के लिए राजगद्दी छोड़ी, न कि किसी दबाव में।
प्रजातंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शुभकामना संदेश जारी करते हुए पूर्व राजा ने कहा कि व्यवस्था बदलने के बावजूद नागरिकों की स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने वर्तमान शासन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

ज्ञानेन्द्र शाह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता और संरक्षण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जनता और राजा ने मिलकर नेपाल में प्रजातंत्र को मजबूत किया था और इसे आगे भी सशक्त और समावेशी बनाना जरूरी है।

पूर्व राजा ने यह भी कहा कि सिर्फ सत्ता के लिए किए जाने वाले स्वार्थ अहंकार और हठ प्रजातंत्र को कमजोर बना सकते हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों को नसीहत दी कि वे देशहित को प्राथमिकता दें और जनता की भलाई के लिए कार्य करें।
नेपाल में हर वर्ष 19 फरवरी को प्रजातंत्र दिवस मनाया जाता है, जिसे लेकर यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्ञानेन्द्र शाह के इस बयान के बाद नेपाल की राजनीतिक हलचल तेज़ हो सकती है।(स्रोत नेपाली मीडिया)

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