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पीलीभीत में रिश्तों का खूनी अंत: समझौते के लिए गए साले को जीजा ने पीट-पीटकर मार डाला, दो घायल

पीलीभीत से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। एक पारिवारिक विवाद को सुलझाने गए युवक को उसके ही जीजा ने इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी जान चली गई। यह घटना पूरनपुर इलाके में हुई, जहाँ समझौते के लिए पहुंचा भाई मौत के मुंह में समा गया।

क्या था पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, यह दुखद घटना बीते शनिवार, 16 मई 2026 को पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र में घटी। मृतक युवक अपनी बहन के घर उनके पति यानी अपने जीजा से चल रहे विवाद को निपटाने गया था। वह शायद यह सोचकर गया था कि शांतिपूर्ण बातचीत से मामला सुलझ जाएगा।

लेकिन, वहां माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था। बताया जा रहा है कि बहनोई और उसके परिवार के कुछ सदस्यों ने मिलकर युवक पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों और घूंसों से हुई इस बेरहम पिटाई में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

खूनी अंजाम और घायल

घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हमले में मृतक का चाचा और उसकी बहन भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। इस वारदात ने पूरे पूरनपुर इलाके में सनसनी फैला दी है।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश में छापेमारी जारी है।

मायने और प्रभाव

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट और हिंसा का एक दुखद उदाहरण है। पीलीभीत जैसे शांत जिले में ऐसी वारदात समाज में चिंता पैदा करती है। यह दिखाता है कि कैसे छोटे-मोटे विवाद भी बातचीत की बजाय हिंसा का रूप ले लेते हैं, जिसका अंजाम बेहद घातक होता है।

आम जनता के लिए यह एक सबक है कि पारिवारिक झगड़ों को धैर्य और शांति से निपटाया जाए। यदि बात बिगड़ती दिखे, तो तुरंत कानून का सहारा लिया जाना चाहिए या किसी सम्मानित मध्यस्थ की मदद लेनी चाहिए। हिंसा कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती, बल्कि वह नए और गहरे जख्म दे जाती है।

इस घटना का असर न सिर्फ पीड़ित परिवार पर पड़ेगा, बल्कि पूरनपुर और आसपास के इलाकों में भी भय का माहौल पैदा होगा। पुलिस और प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि वे जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ें और उन्हें सख्त सजा दिलवाएं, ताकि कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बना रहे और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

Image Source: www.amarujala.com

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