लखनऊ की सरजमीं पर इस वक्त विचारों का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। ‘अमर उजाला संवाद 2026’ का दूसरा दिन मंगलवार को सेहत, सियासत और मनोरंजन के रंगीन धागों से बुना गया, जिसने हर वर्ग के लोगों को अपनी ओर खींचा। इस महामंच पर देश के नामचीन हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बात की, जिससे राजधानी लखनऊ में एक नई बहस छिड़ गई है।
लखनऊ में विचारों का महाकुंभ: अमर उजाला संवाद 2026
लखनऊ के होटल सेंट्रम में आयोजित ‘अमर उजाला संवाद 2026’ का दूसरा दिन बेहद खास रहा। यहां केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की बातचीत से दिन की शुरुआत हुई, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। इसके बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी, जिसने सभागार में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।
पहले दिन, सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की तरक्की और बढ़ते कद से दर्शकों को रूबरू कराया था। धर्म, अध्यात्म, कला, रंगकर्म, स्वास्थ्य, खेल, सिनेमा और बिजनेस जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई, जिसने संवाद को एक बहुआयामी रूप दिया।
सियासत के रणबांकुरे और मनोरंजन के सितारे
संवाद के दूसरे दिन सियासत के कई बड़े नाम मंच पर मौजूद रहे। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जहां उत्तर प्रदेश की राजनीति और भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए, वहीं राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी अपनी बात रखी।
मनोरंजन जगत से भी कई सितारे इस संवाद का हिस्सा बने। बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने अपनी फिल्मों और करियर से जुड़े अनुभव साझा किए। अभिनेत्री मृणाल ठाकुर, श्वेता त्रिपाठी और ऋचा चड्ढा ने भी नई सोच की नायिकाओं के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सेहत, सेना और सार्थक जीवन की बातें
यह संवाद केवल राजनीति और मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रहा। आयुर्वेद विशेषज्ञ आचार्य मनीष ने सेहतमंद और सार्थक जीवन के नुस्खे बताए, जो आम जनता के लिए बेहद उपयोगी साबित हुए। ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश की बढ़ी ताकत और दुनिया की बदली सोच पर सेना, वायुसेना और नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिससे देशप्रेम की भावना और मजबूत हुई।
मानसिक शांति और जीवन के उद्देश्य पर परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती ने अपने विचार प्रस्तुत किए। मशहूर शेफ हरपाल सिंह सोखी ने अच्छे भोजन और स्वाद के साथ सफलता का तड़का लगाने के गुर सिखाए।
नए दौर के अचीवर्स और प्रेरणादायक कहानियां
इस संवाद में युवा अचीवर्स और प्रेरणादायक कहानियों को भी जगह मिली। जोजो कनेक्ट के फाउंडर अथ्विक अमित कुमार ने छोटी उम्र के बड़े फायदे बताए। कुश्ती खिलाड़ियों संग्राम सिंह, अमन सहरावत ने जुनून, जज्बा और जीत की अपनी कहानी सुनाई।
बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने जिंदगी, जुनून और अपने फिल्मी संघर्ष के किस्से साझा किए, वहीं पूर्व क्रिकेटर और नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने चिर-परिचित अंदाज में दर्शकों को हंसाया और जीवन को सफल बनाने के रहस्य भी बताए।
मायने और प्रभाव: आम आदमी के लिए क्यों अहम है यह संवाद?
लखनऊ में आयोजित ‘अमर उजाला संवाद 2026’ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विचारों का एक ऐसा महामंच है, जिसके गहरे मायने और दूरगामी प्रभाव हैं। यह आम जनता को सीधे उन हस्तियों से जुड़ने का मौका देता है, जो देश और प्रदेश की दिशा तय करते हैं या समाज को प्रेरित करते हैं।
पहला, सीधा संवाद: जब नेता, अभिनेता, खिलाड़ी और विशेषज्ञ एक मंच पर आते हैं, तो जनता को उनके विचारों को सीधे सुनने और समझने का अवसर मिलता है। इससे सूचनाओं में पारदर्शिता आती है और लोग विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय बेहतर ढंग से बना पाते हैं। यह लोकतंत्र को मजबूत करने वाला एक अहम कदम है।
दूसरा, प्रेरणा और ज्ञान: सेहत, करियर, अध्यात्म और जीवन के संघर्षों पर की गई चर्चाएं लोगों को नई दिशा और प्रेरणा देती हैं। युवाओं को सफल लोगों के अनुभवों से सीखने का मौका मिलता है, जिससे वे अपने जीवन में बेहतर निर्णय ले पाते हैं और चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होते हैं।
तीसरा, सामाजिक और राजनीतिक चेतना: इस तरह के संवाद से सामाजिक और राजनीतिक चेतना बढ़ती है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में, जहां हर वर्ग के लोग रहते हैं, ऐसे मंच विभिन्न विचारों को एक साथ लाने और समावेशी विकास की राह तैयार करने में मदद करते हैं। यह प्रदेश की प्रगति और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक भी है। लखनऊ जैसे शहर में ऐसे आयोजनों से स्थानीय लोगों में अपने शहर की पहचान और महत्व को लेकर गर्व की भावना भी बढ़ती है।
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