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गोरखपुर को ‘स्पेन’ बताने वाले रवि किशन का बयान वायरल: क्या हैं इसके सियासी मायने?

गोरखपुर की सड़कों पर विकास की नई इबारत लिखने का दावा हो या फिर सियासी बयानबाजी की तपिश, जब भाजपा सांसद रवि किशन कुछ कहते हैं तो सुर्खियां बनना तय है। हाल ही में उन्होंने गोरखपुर को ‘स्पेन’ बताकर एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सोचने पर मजबूर किया है कि आखिर गोरखपुर की तुलना स्पेन से क्यों की गई और इसके पीछे क्या संदेश छुपा है?

रवि किशन का ‘स्पेन’ वाला बयान, क्यों हो रहा वायरल?

मामला गोरखपुर के बशारतपुर में नव-निर्मित कल्याण मंडपम के उद्घाटन समारोह का है। इस दौरान भाजपा सांसद रवि किशन अपनी चिर-परिचित शैली में जनता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बड़े आत्मविश्वास से कहा, "हमको गोरखपुर स्मार्ट सिटी लगता है। गोरखपुर स्मार्ट सिटी है। हमको लगा है स्पेन है, हमको लगता है यह अद्भुत जगह है।"

अपनी बात को और धार देते हुए उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "कोई आंख का अंधा है तो मैं क्या करूं।" रवि किशन का यह बयान तुरंत चर्चा का विषय बन गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर छा गया।

मंच पर सीएम योगी भी नहीं रोक पाए हंसी

रवि किशन के इस अनोखे अंदाज पर मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। उनके साथ मत्स्य मंत्री संजय निषाद और मंच संचालन कर रही महिला एंकर भी ठहाके लगाते नजर आए। यह दृश्य बताता है कि रवि किशन की भाषण शैली कितनी प्रभावी और मनोरंजक है, जो गंभीर राजनीतिक मंच पर भी लोगों को मुस्कुराने का मौका दे जाती है।

विपक्ष पर सीधा निशाना और 2017 से पहले का गोरखपुर

सांसद रवि किशन यहीं नहीं रुके। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "जेके कुछ नाहीं दिखत बा। लोग लगातार मेरे बयानों पर टिप्पणियां करते हैं। मैंने यदि गोरखपुर को स्पेन जैसा कहा तो उसमें क्या गलत था?" उनका इशारा साफ था कि जो लोग गोरखपुर में हो रहे विकास को नहीं देख पा रहे हैं, वे जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं।

रवि किशन ने 2017 से पहले के गोरखपुर की याद दिलाते हुए कहा कि यह शहर तब "हत्याओं का गढ़" हुआ करता था और बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। उन्होंने अपनी सरकार के "डबल इंजन" विकास मॉडल की सराहना करते हुए जनता से इस बदलाव को लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उनका संबोधन ‘भारत माता की जय’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों के साथ समाप्त हुआ।

मायने और प्रभाव: गोरखपुर के लिए ‘स्पेन’ क्यों?

रवि किशन का यह बयान सिर्फ एक तुलना नहीं, बल्कि एक गहरा सियासी संदेश है। गोरखपुर को ‘स्पेन’ बताकर उन्होंने न सिर्फ शहर में हुए विकास को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करने की कोशिश की है, बल्कि विपक्ष पर भी यह आरोप लगाया है कि वे जानबूझकर इस प्रगति को अनदेखा कर रहे हैं। यह बयान भाजपा के विकास के एजेंडे को मजबूती देता है और यह दर्शाता है कि कैसे ‘डबल इंजन’ की सरकार ने गोरखपुर की तस्वीर बदल दी है।

स्थानीय जनता के लिए यह गर्व और बदलाव का प्रतीक हो सकता है। यह बयान यह भी दिखाता है कि भाजपा गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में अपनी विकास-केंद्रित राजनीति को कैसे आगे बढ़ा रही है। विपक्ष के लिए यह एक चुनौती है कि वे इस ‘विकास’ के दावे का कैसे जवाब देते हैं। आने वाले दिनों में यह ‘स्पेन’ वाली टिप्पणी और कितनी बहस छेड़ती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

Image Source: hindi.news18.com

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