बॉक्स ऑफिस पर ‘रनबाली’ का संघर्ष: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म 21वें दिन सिर्फ 12 लाख पर सिमटी
बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बड़े सितारों की फिल्मों का हश्र अक्सर बॉक्स ऑफिस पर चौंकाने वाला होता है। कुछ फिल्में उम्मीदों से कहीं ज़्यादा कमाती हैं, तो कुछ बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर जाती हैं। हालिया रिलीज ‘रनबाली’, जिसमें साउथ सुपरस्टार विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना जैसे बड़े नाम हैं, उसके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। एक शानदार शुरुआत के बाद, फिल्म अब बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती दिख रही है।
रिलीज के 21वें दिन, इस ऐतिहासिक ड्रामा ने भारत में सिर्फ 12 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया है। यह आंकड़ा फिल्म की शुरुआती कमाई, जो 9.25 करोड़ रुपये थी, की तुलना में बेहद निराशाजनक है। महज तीन हफ्तों में, फिल्म की कमाई में 86% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो फिल्म निर्माताओं के लिए चिंता का सबब है।
शुरुआती चमक और फिर गिरावट
राहुल सांस्कृत्यायन के निर्देशन में बनी ‘रनबाली’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत की थी। पहले सात दिनों में फिल्म ने भारत में 45.20 करोड़ रुपये की नेट कमाई कर ली थी। इस मजबूत ओपनिंग ने उम्मीद जगाई थी कि फिल्म लंबी रेस का घोड़ा साबित होगी।
पहले हफ्ते की शानदार कमाई के बाद, फिल्म की गति धीमी पड़ने लगी। दूसरे हफ्ते में, यानी 8वें से 14वें दिन के बीच, ‘रनबाली’ ने सिर्फ 12.10 करोड़ रुपये कमाए। यह पहले हफ्ते की तुलना में 73.2% की बड़ी गिरावट थी, जो दर्शकों की घटती दिलचस्पी का साफ संकेत था।
तीसरे हफ्ते में सबसे बड़ा झटका
तीसरा हफ्ता ‘रनबाली’ के लिए और भी मुश्किल साबित हुआ। 15वें से 21वें दिन तक, फिल्म की कुल नेट कमाई केवल 1.68 करोड़ रुपये रही। यह दूसरे हफ्ते की कमाई से 86.1% कम है, जो किसी भी बड़े बजट की फिल्म के लिए एक बड़ा झटका माना जाता है।
21वें दिन का कलेक्शन तो और भी चौंकाने वाला रहा, जब फिल्म ने महज 12 लाख रुपये कमाए। यह पिछले दिन की कमाई से 42.9% की गिरावट थी। देशभर में केवल 182 शोज में कुल 16% ऑक्यूपेंसी के साथ, यह साफ है कि फिल्म का theatrical run अब अपने अंतिम पड़ाव पर है।
‘रनबाली’ की कहानी और सितारे
‘रनबाली’ एक ऐतिहासिक ड्रामा है, जो 1876-1878 के मद्रास अकाल के दौरान रायलसीमा क्षेत्र की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के प्रभाव को दर्शाती है, जहां एक घुड़सवार अधिकारियों के खिलाफ उठ खड़ा होता है और एक भयंकर स्थानीय प्रतिरोध का नेतृत्व करता है।
फिल्म में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में हैं, साथ ही अर्नोल्ड वोस्लू भी महत्वपूर्ण किरदार में हैं। बड़े स्टारकास्ट और एक दमदार ऐतिहासिक कहानी के बावजूद, फिल्म दर्शकों को लंबे समय तक सिनेमाघरों तक खींचने में सफल नहीं रही।
मायने और प्रभाव
‘रनबाली’ का बॉक्स ऑफिस पर यह प्रदर्शन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह एक बार फिर साबित करता है कि सिर्फ बड़े सितारे और एक बड़ा बजट ही फिल्म की सफलता की गारंटी नहीं होते। आज के दर्शक कहानी और कंटेंट को ज़्यादा प्राथमिकता देते हैं।
विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना जैसे लोकप्रिय चेहरों के बावजूद, फिल्म का इतनी तेज़ी से गिरना, फिल्म निर्माताओं के लिए एक बड़ा सबक है। यह दिखाता है कि दर्शकों का मिजाज तेजी से बदल रहा है और अब वे केवल ‘स्टार पावर’ के दम पर सिनेमाघरों तक नहीं आते। मज़बूत वर्ड-ऑफ-माउथ और प्रभावशाली कहानी ही किसी फिल्म को लंबे समय तक चला सकती है। यह भविष्य में साउथ सिनेमा के बड़े प्रोडक्शन हाउसेस को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करने पर मजबूर करेगा।



