मुरादाबाद में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका! 4% EVM-VVPAT मशीनें खराब, जांच जारी
लोकतंत्र के महापर्व विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने चुनाव आयोग की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। जिले में मतदान के लिए लाई गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) मशीनों की शुरुआती जांच में करीब 3 से 4 प्रतिशत उपकरण खराब पाए गए हैं।
यह खुलासा कांठ रोड स्थित वेयरहाउस में चल रही गहन जांच के दौरान हुआ है। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) बेंगलुरु से आई इंजीनियरों की एक विशेष टीम इन मशीनों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। अब तक लगभग 2800 EVM-VVPAT सेट की जांच पूरी हो चुकी है, जिनमें से सैकड़ों मशीनें तकनीकी खामियों के कारण अनुपयोगी पाई गई हैं।
अभी भी करीब एक हजार सेट की जांच बाकी है। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि मतदान से पहले सभी मशीनों को पूरी तरह से दुरुस्त और त्रुटिहीन सुनिश्चित किया जाए, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न हो सकें।
मुरादाबाद में EVM की खराबियां: क्या है पूरा मामला?
आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मुरादाबाद में चुनाव आयोग ने बड़ी संख्या में EVM और VVPAT मशीनें मंगाई हैं। इन मशीनों को मतदान केंद्रों पर भेजने से पहले उनकी कार्यक्षमता की जांच करना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। इसी प्रक्रिया के तहत, कांठ रोड स्थित वेयरहाउस में भेल बेंगलुरु के अनुभवी इंजीनियरों की टीम लगातार काम कर रही है।
जांच के दौरान, जब मशीनों को अलग-अलग चरणों में परखा गया, तो सामने आया कि लगभग तीन से चार प्रतिशत मशीनें सही ढंग से काम नहीं कर रही हैं। इनमें कुछ EVM के कंट्रोल यूनिट में समस्या है, तो कुछ VVPAT प्रिंटिंग में गड़बड़ी दिखा रही हैं।
तकनीकी टीम की कड़ी मशक्कत
भेल के इंजीनियरों की टीम इन खराब मशीनों की मरम्मत करने और उन्हें फिर से चालू हालत में लाने की पूरी कोशिश कर रही है। उनकी प्राथमिकता है कि जितनी जल्दी हो सके, इन तकनीकी खामियों को दूर किया जाए। यदि कोई मशीन मरम्मत योग्य नहीं पाई जाती है, तो उसे बदल दिया जाएगा।
यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि मतदान के दिन किसी भी मतदान केंद्र पर EVM या VVPAT की खराबी के कारण मतदान में बाधा न आए। मुरादाबाद प्रशासन भी इस पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रख रहा है।
मायने और प्रभाव: जनता के लिए क्यों अहम है यह खबर?
मुरादाबाद में विधानसभा चुनाव से पहले EVM-VVPAT मशीनों में खराबी की यह खबर कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
- लोकतंत्र में विश्वास: EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठना मतदाताओं के मन में संदेह पैदा कर सकता है। चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे इन खराबियों को दूर कर जनता का विश्वास बनाए रखें।
- सुचारु मतदान प्रक्रिया: यदि खराब मशीनें दुरुस्त नहीं की जातीं, तो मतदान के दिन बूथों पर लंबी कतारें लग सकती हैं और मतदान प्रक्रिया बाधित हो सकती है। यह मतदाताओं के लिए परेशानी का सबब बनेगा।
- तैयारियों की गंभीरता: 3-4% मशीनों का खराब होना दिखाता है कि चुनाव से पहले सख्त जांच कितनी जरूरी है। यह सुनिश्चित करता है कि अंतिम समय में कोई अप्रत्याशित बाधा न आए।
- लागत और समय: खराब मशीनों की मरम्मत या बदलाव में अतिरिक्त समय और संसाधन लगते हैं, जिसका सीधा असर चुनाव प्रबंधन पर पड़ता है।
मुरादाबाद के हर मतदाता के लिए यह जानना जरूरी है कि उनकी वोटिंग मशीनें पूरी तरह से सुरक्षित और कार्यशील हैं। चुनाव आयोग और प्रशासन को इस चुनौती को गंभीरता से लेना होगा और मतदाताओं को आश्वस्त करना होगा कि उनका एक-एक वोट बिना किसी गड़बड़ी के दर्ज होगा।
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