सीएम की चेतावनी बेअसर? हरदोई के हत्याहरण मेले में 24 घंटे में दो मंगलसूत्र और एक मोबाइल गायब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त हिदायत दी थी। निर्देश थे कि स्नेचिंग जैसी घटनाएं किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। लेकिन महज 24 घंटे के भीतर, हरदोई के ऐतिहासिक हत्याहरण मेले में जो हुआ, वह इन निर्देशों को सीधी चुनौती देता दिख रहा है।
सीएम की सख्ती और पुलिस की चुनौती
शनिवार रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनपद के अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए थे। उन्होंने साफ कहा था कि त्योहारों और मेलों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहनी चाहिए और स्नेचिंग की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगनी चाहिए।
रविवार को बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में लगे पौराणिक हत्याहरण तीर्थ मेले में बदमाशों ने इन्हीं निर्देशों को धता बता दिया। दिनदहाड़े दो महिलाओं के गले से मंगलसूत्र खींच लिए गए, जबकि एक श्रद्धालु का मोबाइल भी पार कर दिया गया।
एक के बाद एक घटनाएं: श्रद्धालुओं में डर का माहौल
मेले में जुटी भीड़ का फायदा उठाकर शातिर बदमाशों ने एक के बाद एक तीन वारदातों को अंजाम दिया। इन घटनाओं ने श्रद्धालुओं के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस सहायता केंद्र के पास भी नहीं बच पाए श्रद्धालु
वारदात 1: पुलिस सहायता केंद्र के पास से मंगलसूत्र गायब
संडीला के कमलापुर से आईं खुशबू सिंह अपने मामा के साथ श्री सीताराम नाम संकीर्तन में शामिल होने हत्याहरण तीर्थ परिसर पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि पुलिस सहायता केंद्र के ठीक पास, दो महिलाओं ने पीछे से उनके गले से सोने का मंगलसूत्र खींच लिया। खुशबू ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
वारदात 2: आरती यादव भी बनी शिकार
अतरौली के सुरजापुर की आरती यादव भी रविवार को हत्याहरण तीर्थ मेले में पूजा-पाठ करने आई थीं। पूजा के बाद जब वह मेले में घूम रही थीं, पुलिस सहायता केंद्र के पास ही उनके गले से भी किसी ने सोने का मंगलसूत्र झपट लिया। काफी तलाश के बाद भी जब कुछ पता नहीं चला, तो उन्होंने भी पुलिस को जानकारी दी।
वारदात 3: सीतापुर के श्रद्धालु का मोबाइल चोरी
सीतापुर के पियना चौराहा निवासी सर्वेंद्र यादव हनुमान मंदिर में प्रसाद चढ़ाने जा रहे थे। इसी दौरान, उनकी पैंट की जेब से उचक्कों ने मोबाइल फोन पार कर दिया। सर्वेंद्र ने भी काफी देर तक तलाश की और फिर पुलिस सहायता केंद्र पर सूचना दी।
मायने और प्रभाव: कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल
हरदोई के हत्याहरण मेले में हुई ये घटनाएं सिर्फ चोरी की वारदातें नहीं हैं, बल्कि ये सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के निर्देशों और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लगाती हैं। जब स्वयं मुख्यमंत्री ने स्नेचिंग पर लगाम लगाने की बात कही हो, और उसके 24 घंटे के भीतर ही ऐसी घटनाएं हो जाएं, तो यह दिखाता है कि बदमाशों के हौसले कितने बुलंद हैं।
यह स्थिति आम जनता के मन में डर पैदा करती है, खासकर जब वे धार्मिक स्थलों या भीड़भाड़ वाले मेलों में जाते हैं। श्रद्धालुओं को यह भरोसा होना चाहिए कि ऐसे आयोजनों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इन घटनाओं से पुलिस की निष्क्रियता उजागर होती है और कानून व्यवस्था की साख को बट्टा लगता है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इन मामलों को गंभीरता से लेना होगा। न सिर्फ दोषियों को पकड़ना होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि हरदोई और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।
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