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अगस्त IPO की धूम: PhonePe, Zepto के साथ Indo Mim भी मैदान में, निवेशकों के लिए क्या है खास मौका?

शेयर बाजार में हलचल तेज है! जुलाई की शानदार क्लोजिंग के बाद, अब अगस्त में IPO (Initial Public Offering) की बहार आने वाली है. दो दर्जन से ज़्यादा कंपनियां इस महीने अपने शेयर बाजार में उतारने की तैयारी में हैं, जिससे निवेशकों के लिए कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं.

जुलाई में SBI फंड्स मैनेजमेंट के सफल IPO के बाद, भारतीय प्राइमरी मार्केट में जोश दोगुना हो गया है. मुंबई से मिली जानकारी के अनुसार, अब अगस्त में करीब ₹35,000 करोड़ जुटाने की योजना है. पिछले साल की तुलना में इस साल की शुरुआत धीमी थी, खासकर ईरान युद्ध और विदेशी निवेश की कमी के कारण, लेकिन अब बाजार फिर से पटरी पर आ रहा है और कंपनियां पूंजी जुटाने को उत्सुक हैं.

अगस्त में IPO की बहार: कौन-कौन आ रहा है?

निवेश बैंकरों के मुताबिक, करीब 25 कंपनियां अगस्त में IPO ला सकती हैं. इनमें Walmart के स्वामित्व वाली भुगतान कंपनी PhonePe (लगभग ₹12,000 करोड़), क्विक कॉमर्स फर्म Zepto (लगभग ₹8,010 करोड़) और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म Shiprocket (लगभग ₹2,342.35 करोड़) जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. ये नई उम्र की कंपनियां डिजिटल इंडिया के बढ़ते रुझान का फायदा उठा रही हैं.

इसके अलावा, Manipal Health Enterprises, Truhome Finance, Juniper Green Energy और Innovatiview India जैसी कंपनियां भी अपनी लिस्टिंग की तैयारी में हैं. इस दौड़ में कई बड़ी और नई कंपनियां शामिल हैं, जिनमें PhonePe, Zepto जैसी टेक दिग्गज हैं, और साथ ही मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की Indo Mim जैसी कंपनियां भी IPO के लिए तैयार हो सकती हैं, जो निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा करेंगी.

बाजार में उत्साह और निवेशकों का भरोसा

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में स्थिरता आने और निवेशकों का भरोसा लौटने से कंपनियां IPO लाने में दिलचस्पी दिखा रही हैं. सेबी की मंजूरियों की अवधि सितंबर में खत्म होने, NSE और Jio Platforms जैसे बड़े IPO से पहले लिस्ट होने और ‘श्राद्ध’ जैसे अशुभ समय से बचने के लिए कंपनियां अगस्त को सही मौका मान रही हैं.

इस साल भारत में IPOs के जरिए करीब 20 अरब डॉलर जुटाए जाने की उम्मीद है, जो भारतीय बाजार की गहराई और लचीलेपन को दर्शाता है. कंपनियों के साथ-साथ निवेशक भी इस मौके का फायदा उठाने के लिए तैयार दिख रहे हैं.

IPO की लाइन में लगी टेक और नई कंपनियां

जनवरी और फरवरी में 10 IPO से ₹12,927 करोड़ जुटे थे, जबकि मार्च में 8 IPO से ₹5,852 करोड़. अप्रैल-मई में बाजार में सुस्ती देखी गई, लेकिन जून में 7 IPO से ₹2,718 करोड़ और जुलाई में 10 IPO से ₹26,279 करोड़ जुटाए गए, जो इस साल का सबसे मजबूत महीना रहा. यह आंकड़े बाजार में लौटते विश्वास और उत्साह को दर्शाते हैं.

PhonePe, Zepto और Shiprocket जैसी नई उम्र की टेक-आधारित कंपनियों के IPO से बाजार में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है. ये कंपनियां भारत की डिजिटल क्रांति में अहम भूमिका निभा रही हैं और इनके सार्वजनिक होने से इस सेक्टर में और निवेश आकर्षित होगा.

मायने और प्रभाव

IPO की यह बहार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है. यह दर्शाता है कि कंपनियों को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए पूंजी जुटाने में विश्वास है और निवेशकों का भारतीय शेयर बाजार पर भरोसा लगातार बढ़ा है. यह आर्थिक सुधार और विकास की गति को और तेज करेगा.

आम जनता और स्थानीय निवेशकों के लिए, यह निवेश के नए और आकर्षक अवसर लेकर आया है. नई कंपनियों में निवेश करके लोग देश की आर्थिक प्रगति में सीधे भागीदार बन सकते हैं और अच्छा रिटर्न भी कमा सकते हैं. हालांकि, निवेशकों को किसी भी IPO में निवेश करने से पहले कंपनियों के फंडामेंटल्स और बाजार के जोखिमों का अच्छी तरह से विश्लेषण करना चाहिए.

यह बाजार में तरलता बढ़ाएगा, रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देगा. यह भारत को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक और गतिशील गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगा, जिससे आने वाले समय में और विदेशी निवेश की उम्मीद की जा सकती है.

Image Source: m.economictimes.com

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